Ulajhi Dor

कई एक सन्दर्भों में यह कविता-संग्रह आपको पाठकीयता का एक अलग अनुभव देता मिलेगा। यहाँ कविताएँ सिर्फ़ अपनी बात ही नहीं कहतीं बल्कि पाठक के साथ सीधा संवाद करती हुई, प्रश्न भी खड़े करती हैं। इस संग्रह में सामाजिक सरोकार तो है ही लेकिन उसके साथ प्रेम भी है; जीवन, समाज, सिद्धांत और जीवन-मूल्यों की उलझनें भी हैं। अपनी बातों …

Poetry Collection of 6 Books of Dr. Vishnu Saxena

Madhuban mile na mile डॉ. विष्णु सक्सेना गीत उपवन के सुरीले भ्रमर हैं। मधुबन मिले न मिले वे ख़ुशबू लुटाते रहते हैं। उनके गीतों की ख़ुशबू देश-विदेश में गुंजरित हो रही है। जो एक बार उनको सुन लेता है उनका हो जाता है। नीरज उन्हें गीत के अस्तित्व का नवनीत मानते हैं। ऐसा ही सोम जी का कहना है। बहुत …