Swayamsiddh Series (Triology)

“स्वयंसिद्ध” पुस्तक मुखर व्यक्तित्व के धनी ‘छत्रपति शिवाजी महाराज’ की जीवन गाथा है जिसे हम शिवगाथा कह सकते हैं, इस शिवगाथा का संपूर्ण चित्रण ऐतिहासिक तथ्यों को श्रेणीबध्द तरीके के साथ प्रथम पुरषी विधा के साथ शिवाजी महाराज के माध्यम से ही प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। शिवाजी महाराज के समय बाहरी आक्रकन्ताओं के अत्याचार व्यभिचार एवं दुराभाव …

Raam Ravan Series (Pentology)

रामकथा भारत की जनता की रगों में खून की तरह दौड़ती है। परन्तु इस राम-रावण कथा में रावण विलेन नहीं है। यह दो संस्कृतियों का टकराव है। राम-रावण कथा के इस प्रथम खंड को एक प्रकार से परिचय खंड भी कहा जा सकता है। रामायण के पात्रों का परिचय इस खंड में आप पायेंगे। यह परिचय उससे कहीं अधिक है …

Kachhuon Ka Mahayuddh Series (Heptology)

यह कहानी है महर्षियों और देवताओं की। यह कहानी है भगवान के अवतारों और मशीनी जंग की। यह कहानी है दिव्यलोकों की महारानियों और महाराजाओं की। यह कहानी है रोशनी के पत्थरों और दिव्य शिलाओं की। यह कहानी है कछुओं के महानतम संसार की। यह कहानी है कछुओं के महायुद्ध की। ‘जादुई पानी और आदमखोर बिल्लियाँ’ पाँच खण्डों में पैली …

Samayant Rahasy Series (Triology)

1- यह कल्पितमाला विज्ञान, धर्म, पौराणिक संदर्भों तथा हिन्दू सभ्यता के रहस्यों के मोतियों को एक साथ पिरोकर लिखी गयी है। कथानक का मुख्य पात्र कल्कि, मानव-जाति को दिया गया ईश्वर का वह आशीर्वाद है जो दूसरे ग्रह के उर्ग्य प्रजाति द्वारा पृथ्वी पर किए गए अब तक के सबसे भयानक, विध्वंसक व विनाशकारी आक्रमण के खिलाफ लड़ रहा है …

The Mughal Aquare Series (2 Parts)

 English A horde of mice descends on an obscure village signalling onset if epidemics. The effect of these epidemics in time and space was far restricted in comparison to the ominous impact of the Mughal Rule that was destined to obliterate an ancient culture. Why had rodents failed in foretelling the misfortunes of a tormenting dynasty? Textile factories are brought …

Rankshetram Series (Pentology)

Part 1 यह अनसुनी कथा है, द्वापर युग में महाभारत से पीढ़ियों पूर्व हुए दो महाविकराल संग्रामों की| चार खण्डों में बंटी, रणक्षेत्रम की यह गाथा किसी व्यक्ति विशेष की नहीं अपितु एक पूरे युग की है| एक ऐसा युग जिसने न्याय और धर्म की स्थापना की और एक ऐसा युग जिसने अखण्ड आर्यावर्त के सम्राट के समक्ष सभी राजाओं …