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|| अंजुमन प्रकाशन नवलेखन पुरस्कार 2015 ||

पुरस्कार परिचय

अंजुमन प्रकाशन प्रकाशन की दुनिया में सक्रीय है और साहित्य सेवा में समर्पित है| इसी भावना के तहत नव हस्ताक्षरों को यथोचित सम्मान देने के एक प्रयास के अंतर्गत “अंजुमन नवलेखन पुरस्कार की घोषणा करता है”|

|| अंजुमन प्रकाशन नवलेखन पुरस्कार 2015 नियम एवं शर्त ||

‘अंजुमन प्रकाशन नवलेखन पुरूस्कार’ के अंतर्गत पांडुलिपियाँ आमत्रित करके प्रत्येक वर्ष एक सर्वश्रेष्ठ पांडुलिपि का चयन किया जाएगा तथा वर्ष के अंत में अंजुमन प्रकाशन द्वारा संग्रह प्रकाशित किया जाएगा तथा एक भव्य लोकार्पण समारोह में संग्रह को लोकार्पित किया जायेगा व रचनाकार को उस वर्ष के लिए निश्चित की गई धनराशी व प्रशस्तिपत्र से पुरस्कृत किया जाएगा तथा / माला / शाल / स्मृति चिन्ह आदि से सम्मानित किया जाएगा व अंजुमन प्रकाशन की नीतियों के अंतर्गत रायल्टी दी जायेगी |
अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2015 के लिए कहानी विधा का चयन किया गया है
अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2015 के लिए पुरस्कार की धनराशि 5000 रु. (पाँच हज़ार रुपये) निर्धारित की गई है
पांडुलिपि अंजुमन प्रकाशन को प्राप्त होने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2014 है
अंजुमन प्रकाशन नवलेखन पुरस्कार 2015 के लिए नियम एवं शर्त निम्नलिखित है

1. इस पुरस्कार के लिए युवा रचनाकारों से काहनियों की पांडुलिपि आमंत्रित है

2. जिस रचनाकार का जन्म दिनांक 1 जनवरी 1975 को या इस तारीख के बाद हुआ है केवल वही इस पुरस्कार योजना में भाग ले सकेंगे|

3. जिन रचनाकार का अभी तक कोई कहानी संग्रह प्रकाशित नहीं हुआ है उनसे कम से कम 100 पृष्ठ की काहनियों की पांडुलिपि आमंत्रित है

5. जिन रचनाकार की उम्र 40 वर्ष से कम है परन्तु उनका एक या एक से अधिक कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुका है वह इस पुरस्कार योजना में हिस्सा नहीं ले सकते हैं

6. पांडुलिपि में कहानी A4 कागज़ में केवल एक ओर कंप्यूटर द्वारा टाइपशुदा हो (अलंकारिक फांट का प्रयोग न् करें), फान्ट 14 प्वाईंट से बड़ा न हो|

इन नियमों के प्रतिकूल होने पर पांडुलिपि पर किसी दशा में विचार नहीं किया जाएगा

७ अंतिम तिथि तक प्राप्त पांडुलिपियों में अंजुमन प्रकाशन द्वार गठित चयन समिति द्वारा एक से अधिक स्तर पर चयन प्रकिया को अपनाते हुए सर्वश्रेष्ठ पांडुलिपि का चयन किया जाएगा तथा पांडुलिपि प्राप्त करने की अंतिम तिथि के ३ महीने बाद चयनित रचनाकार के नाम की घोषणा अंजुमन प्रकाशन की वेबसाईट तथा अन्य आनलाइन मंचों द्वारा की जायेगी | यदि प्राप्त पांडुलिपियों में से कोई भी पांडुलिपि चयन समिति के निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरती है तो पुरस्कार किसी को नहीं दिया जाएगा

८ सर्वश्रेष्ठ पांडुलिपि के अतिरिक्त यदि अन्य पांडुलिपियाँ भी मानकों पर खरी उतरती हैं तो चयन समिति द्वारा अंजुमन प्रकाशन को प्रकाशित करने के लिए अनुशंसित की जा सकती है तथा उस कहानी संग्रह का प्रकाशन, प्रकाशन की सामान्य पुस्तक के रूप में किया जा सकता है जिसके लिए प्रकाशन और रचनाकार की आपसी सहमति अनुसार कार्य किया जाएगा तथा उक्त पुस्तकों के प्रकाशन पर प्रकाशन की सामान्य नीतियां लागू होंगी

पुरस्कृत होने के बाद के नियम व शर्त
१ चयनित पांडुलिपि में से चुनिन्दा कहानियों की 112 अथवा उससे अधिक पृष्ठ की पेपर बैक पुस्तक 2015 में प्रकाशित की जायेगी | पुस्तक का मूल्य प्रकाशन की नीतियों के अनुसार तय किया जाएगा

२ पुस्तक को आई.एस.बी.एन. नंबर मिलेगा जिससे पुस्तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पंजीकृत होती है
रचनाकार को पुस्तक की 5 प्रतियाँ दी जायेगी तथा इसके बाद क्रय करने पर पुस्तक मूल्य पर 25 % छूट दी जायेगी

३ पुस्तक बिक्री होने पर लेखक को अंजुमन प्रकाशन की नीतियों के अनुसार 10 % रायल्टी दी जायेगी जिसका हिसाब प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में किया जायेगा

४ पुस्तक विमोचन तथा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन इलाहाबाद में सितम्बर से दिसंबर के बीच किसी तिथि में संभावित है| विमोचन तथा सम्मान कार्यक्रम की तिथि रचनाकार की सहमति से अंजुमन प्रकाशन द्वारा संभवतः सितम्बर से दिसंबर माह के बीच तय की जायेगी| कार्यकम के लिए इलाहाबाद आने जाने व इलाहाबाद में ठहरने का खर्च लेखक को स्वयं वहन करना होगा यदि लेखक के परिचित समारोह में सम्मिलित होने के लिए अन्य शहर से इलाहाबाद आते हैं तो उनकी व्यवस्था भी लेखक को देखनी होगी

५ पुस्तक का कापीराइट लेखकाधीन होगा

६ पुरस्कार प्राप्त करने के लिए किसी प्रकार कि अनुशंसा करने अथवा करवाने पर प्रतिभागी की प्रतिभागिता तुरंत निरस्त कर दी जायेगी

७ चयनित न होने की दशा में पांडुलिपि वापस प्राप्ति के लिए A4 साईज का लिफाफा स्पीड पोस्ट के लिए समुचित टिकट लगा कर भेजें अन्यथा पांडुलिपि वापस नहीं की जायेगी, भविष्य के लिए अपने पास पाण्डुलिपि की एक प्रति सुरक्षित रखें

८ सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागी को पुरस्कार की घोषणा के बाद यदि पुरस्कृत प्रतिभागी के सम्बन्ध में यह तथ्य उजागर होते हैं कि प्रतिभागी द्वारा पुरस्कार पाने के नियम व शर्त के प्रतिकूल गलत तथ्यों को प्रस्तुत किया गया है तो अन्य पांडुलिपियों पर पुनः विचार करके किसी अन्य प्रतिभागी को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा

9 यदि कहानी संग्रह प्रकाशित होने तथा पुरस्कार देने के बाद ऐसी कोई जानकारी व सबूत प्राप्त होता है कि प्रतिभागी द्वारा पुरस्कार पाने के नियम व शर्त के प्रतिकूल गलत तथ्यों को प्रस्तुत किया गया था तो उचित न्यायिक कार्यवाही की जायेगी जिसका क्षेत्राधिकार इलाहाबाद न्यायिक परिक्षेत्र रहेगा

१० विशेष परिस्थितियों में प्रतिभागी को बिना सूचना दिए, पांडुलिपि प्राप्त करने की अंतिम तिथि तथा पुरस्कार के लिए रचनाकार के नाम को घोषित करने की तिथि को घटाया बढ़ाया जा सकता है, पुरस्कार की राशि घटाई / बढ़ाई जा सकती है, नियम एवं शर्तों में बदलाव किया जा सकता है अथवा पुरस्कार को रद्द किया जा सकता है | अंजुमन प्रकाशन के पास सर्वाधिकार सुरक्षित है

पुरस्कार योजना में हिस्सा लेने के लिए निम्न्लिखित्त सामग्री भेजें –

१ – १०० पृष्ठ की कहानियों की पांडुलिपि की दो प्रति (उचित बाईंडिंग के साथ)
२ – प्रतिभागी का साहित्यिक व व्यक्ति परिचय जिसमें प्रतिभागी का संपर्क सूत्र, ई मेल, निवास, ब्लॉग / वेवसाईट (यदि हो) आदि का जिक्र अवश्य हो
३ – पासपोर्ट साईज एक नवीनतम कलर फोटो
४ – आयु प्रमाणित करने के लिए किसी वैध प्रमाणपत्र की स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति
५ – प्रतिभागी को A4 कागज़ पर लिखना है व स्वप्रमाणित करना है कि –

– प्रतिभागी की आयु 1 जनवरी 2015 को 40 वर्ष से कम है,
– अभी तक प्रतिभागी का कोई कहानी संग्रह प्रकाशित नहीं हुआ है
– पांडुलिपि में भेजी गई सभी रचनाएं मौलिक हैं व किसी अन्य साझा संग्रह में अप्रकाशित हैं (पत्रिका में प्रकाशित कहानी पर कोई आपत्ति नहीं है, अर्थात आप पत्रिका में प्रकाशित कहानियों को पांडुलिपि में सम्मिलित कर सकते हैं)

द्वारा अंजुमन प्रकाशन
आकाश केसरवानी
www.anjumanpublication.com
anjumanprakashan@gmail.com

पांडुलिपि इस पते पर भेजें

Anjuman publication
c/o janta pustak bhandar
942 mutthiganj (near arya kanya chauraha)
allahabad – 211003 uttar pradesh, india
Mo – 9453004398

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अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2015 कहानी कर केन्द्रित था तथा पुरस्कार स्वरूप 5000 रु. की साहित्यिक पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय हुआ था
– प्राप्त पांडुलिपियों में से सन्देश नायक की “मन के मंजीरे” पुरस्कृत हुई, पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है|

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