navekhan

अंजुमन प्रकाशन ग़ज़ल नवलेखन पुरूस्कार के अंतर्गत पांडुलिपियाँ आमत्रित करके प्रत्येक वर्ष एक सर्वश्रेष्ठ पांडुलिपि का चयन किया जाएगा तथा वर्ष के अंत में अंजुमन प्रकाशन द्वारा संग्रह प्रकाशित किया जाएगा तथा एक लोकार्पण समारोह में संग्रह को लोकार्पित किया जायेगा व रचनाकार को उस वर्ष के लिए निश्चित की गई धनराशी की पुस्तकें  व प्रशस्ति पत्र से पुरस्कृत किया जाएगा तथा / माला / शाल / स्मृति चिन्ह आदि से सम्मानित किया जाएगा व पुस्तक बिक्री होने पर अंजुमन प्रकाशन की नीतियों के अंतर्गत रायल्टी दी जायेगी |

अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2014 ग़ज़ल पर केन्द्रित था तथा पुरस्कार की धनराशि 5000 रु. (पाँच हज़ार रुपये) निर्धारित की गई थी
– प्राप्त पांडुलिपियों में से कोई संतोषजनक न होने के कारण किसी को पुरस्कार नहीं दिया गया| अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें – नवलेखन -2014

अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2015 कहानी कर केन्द्रित था तथा पुरस्कार स्वरूप 5000 रु. की साहित्यिक पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय हुआ था
– प्राप्त पांडुलिपियों में से सन्देश नायक की “मन के मंजीरे” पुरस्कृत हुई, पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है| अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें – नवलेखन -2015

अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2016 व्यंग्य लेख पर केन्द्रित है तथा पुरस्कार स्वरूप 11000 रु. की साहित्यिक पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय हुआ है|
– प्राप्त पांडुलिपियों में से अनूप मणि त्रिपाठी की  पांडुलिपि “शोरूम में जननायक” पुरस्कृत हुई, पुस्तक शीघ्र प्रकाशित की जायेगी| अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें – नवलेखन -2016

अंजुमन नवलेखन पुरस्कार – 2017   लघु कथा  पर केन्द्रित है तथा पुरस्कार स्वरूप 11000 रु. की साहित्यिक पुस्तकें प्रदान करने का निर्णय हुआ है| अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें – नवलेखन -2017