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पांच लघुकथा – ललित कुमार सोनी (अंक-3)

ललित कुमार मिश्रा ‘सोनी ललित’ 78ए, अजय पार्क, गली नंबर 7, नया बाजार, नजफगढ़, नयी दिल्ली 110043  ईमेल – sonylalit@gmail.com मोबाइल – 9868429241   खौफ़ सोहन आज ही छेड़छाड़ के आरोप में छ: महीने की सजा काट बाहर आया था। बाहर आते ही ज्यों ही उसने मोहन को देखा अपने रंग में आ गया। ‘‘यार आज गाय टेस्ट करने का मन कर …

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आलेख : हिंदी-ग़ज़ल की अस्मिता का प्रश्न – डॉ. गिरिराज शरण अग्रवाल (अंक – 3)

हिंदी ग़ज़ल की अस्मिता का प्रश्न। यानी हिंदी ग़ज़ल के अस्तित्व का प्रश्न। हिंदी ग़ज़ल की सत्ता का प्रश्न, उसके महत्त्व का प्रश्न। अस्मिता का अर्थ ही है वह भाव या मनोवृत्ति कि मेरी एक पृथक और विशिष्ट सत्ता है। इस प्रश्न पर मन में थोड़ा असमंजस रहा तो सोचा कि क्यों न फिर से अस्मिता के शाब्दिक अर्थों को …

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चार हजल – फ़रमूद इलाहाबादी (अंक – 3)

 फ़रमूद इलाहाबादी जन्म – १० फरवरी १९५६ शिक्षा – इंजीनिरिंग इन इलेक्ट्रानिक्स सम्प्रति दूरदर्शन केन्द्र में इंजीनियर संपर्क – ७४/१, नया पुरा, करेली, इलाहाबाद – २११०१६ मोबाइल ९४१५९६६४९७ का़ग़ज थोबड़ा पोंछ के उसने जो गिराया का़ग़ज हमने सौ बार वो आँखों से लगाया का़ग़ज’ सि़र्फ रिश्वत के न मिलने से बड़े बाबू ने यार द़फ्तर में कई रो़ज घुमाया का़ग़ज …

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सात गीत – गुलाब सिंह (अंक – 3)

५ जनवरी, १९४० को इलाहाबाद जनपद के बिगहनी गांव में जन्म हुआ। जन्मतिथि के द्वन्द्व के कारण जन्म कुण्डली से भी अपरिचित ही रह गये। नौकरी के कारण ५ जनवरी, १९४० का दिन ही सनद हो गया और वक्त पर काम आ रहा है। यहां-वहां गये लेकिन गांव के ही होकर रह गये। किसी ने ’’ग्राम्य जीवन का विशिष्ट नवगीत‘‘ …

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आठ कविताएँ – अजामिल (अंक -3)

अजामिल  मूलनाम : आर्य रत्न व्यास मोबाइल नं० : 9889722209 ब्लॉग : samkaalinmuktibodh.blogspot.com   जूते लाखोँ-करोड़ों बेमतलब की चीजों के बीच कहीं न कहीं है सब के मतलब की कोई न कोई चीज़ परम्पराओं के इतिहास में घटती-बढती रही है पैरों की नाप लेकिन जूते जहाँ थे वहीँ हैं आज भी जूते कहीं भी रहें कभी नहीं भूलते अपनी औकात को …

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कहानी : बंद कमरे का धुँआ – अर्चना ठाकुर (अंक-3)

मैं उसे जानती थी ये तो उसको देखते मेरी स्मृतियों ने तय कर लिया। पर नाम, नाम क्यों नहीं याद आ रहा। वो चेहरा जाना पहचाना तो है। उसके चेहरे के भाव भी कितने जाने पहचाने से है जैसे आज वह क्लान्त, मलिन भाव से मेडिकल कॉलेज के क्लिनिकल विभाग के एक केबिन के बाहर खड़ा था। क्यों? इसका तो …

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समीक्षा : तेरे नाम का लिये आसरा – समीक्षक : शिज्जु शकूर (अंक -3)

अनुभव एवं काव्य प्रतिभा का संग्रहणीय संकलन हमेशा से मेरा ये मानना है कि ज़िन्दगी मुसलसल हर सांस के साथ फ़ना होती है और हर सांस के साथ शुरू । किसी काम के करने का मुनासिब वक्त कौन सा है? मेरा जवाब है जब शुरू करो वही वक्त मुनासिब है। ठीक उसी प्रकार सीखने की उम्र क्या है?  बड़ा बेतुका …

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पांच कविताएँ – मनोज कुमार गुप्ता (अंक -3)

परिचय मनोज कुमार गुप्ता आत्मकथ्य = जब मैं  मात्र 9 महीने का था तभी मेरे ऊपर पोलियो नामक भयंकर बीमारी का प्रहार हुआ जिससे मेरे शरीर का 90% हिस्सा प्रभावित हुआ । मेरे जीवन की आशा नहीं थी परंतु आप जैसे सुधी जनों का साथ जीवन में था और माता पिता का प्रयास था क़ि मैं आज आप सब के …

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समीक्षा : ‘जो दिल की तमन्ना है’ – समीक्षक : प्रो0 मुकेश दुबे (अंक -3)

यूँ तो शीर्षक ही कह रहा है कि कुछ दिल ने कहा है, परन्तु दिल हमेशा कुछ कहता ही रहता है। हर धड़कन एक ख्वाहिश होती है। होना भी चाहिये, न हों आरजू तो कितनी बेमानी होगी ज़िंदगी। मगर यही हसरतें जब इंसानियत की हदों के उस पार जाने लगती हैं तब शुरू होती है समस्या। संजय अग्निहोत्री जी की कलम …

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ग़ज़ल – अब्बास क़मर (अंक-3)

अब्बास क़मर ईमेल – abbasfreelancer02@gmail.com 1. आज पाज़ेब की छनछन ने रुलाया हमको आपका इश्क ये किस मोड़ पे लाया हमको पहले उंचाइयां बख्शीं… मेरे हमदम ने मुझे और फ़िर अपनी ही नज़रों में गिराया हमको वक़्त की मार ने इस तर्ह बिगाड़ी सूरत आईना देख के पहचान न पाया हमको रौशनी जश्ने-चराग़ां में थी मसरूफ़ बहोत रास्ता आज अँधेरों …

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तीन गीत – दीपक गोस्वामी “चिराग” (अंक -3)

दीपक गोस्वामी “चिराग” शिक्षा- परास्नातक (गणित), शिक्षा-स्नातक सम्प्रति-  सहायक अध्यापक – परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अलावलपुर, बहजोई (सम्भल) उ.प्र. सम्पर्क सूत्र – शिव बाबा सदन,  कृष्णा कुंज बहजोई,  (सम्भल) उत्तर प्रदेश ,भारत,   पिन 244410 मो -9548812618 Email: deepakchirag.goswami@gmail.com (1) हूं मैं’ जननी तेरी, हूं मैं’ धरिणी धरा दूं मैं’ भोजन वसन, रत्न सोना खरा॥ चीर लेती मैं’ छाती,क्षुदा के लिये हूं बहाती’ मैं गंगा, तृषा के …