पुस्तक व्यवसाय में पिछले 42 वर्षों से ग्राहक की सेवा में रत प्रतिष्ठान जनता पुस्तक भण्डार ने वर्ष २०१३ से रजिस्टर्ड फर्म ”अंजुमन प्रकाशन” नाम से प्रकाशन क्षेत्र में पदार्पण किया है| अंजुमन प्रकाशन द्वारा पुस्तक का मूल्य कम से कम रखते हुए श्रेष्ठ साहित्य को जन सुलभ करवाना हमारा प्रथम उद्देश्य है |

आज सेल्फ पब्लिशिंग में पुस्तक प्रकाशित होने के बाद कई प्रकाशक लेखक को प्रतियाँ सौंप कर यह भूल जाते हैं कि पुस्तक के वितरण की जिम्मेदारी भी प्रकाशक की होती है और सरकारी खरीद में प्रतियाँ बेच कर अच्छा पैसा कमा लेते हैं मगर लेखक को रायल्टी के नाम पर कुछ नहीं मिलता|
हमारी कोशिश है कि अंजुमन प्रकाशन इन विरोधाभासों को ख़त्म करते हुए पुस्तकें सीधे पाठकों तक पहुंचाए , और लेखक को उनकी रायल्टी पूरी ईमानदारी से दी जाए| हमें खुशी है कि हमारे प्रयासों को लेखकों का भरपूर साथ मिल रहा है| हमने कम समय में सफलता के कई सोपान पार किये हैं और आगे प्रयास जारी हैं ….

निश्चित ही किसी व्यवसाय का अंतिम उद्देश्य धनार्जन होता है परन्तु हमें यह विश्वास है कि हम श्रेष्ठ साहित्य को जन सुलभ करवाने के अपने प्रथम उद्देश्य से नहीं भटकेंगे साथ ही पारदर्शिता इस विश्वास की नींव बनेगी ऐसा हमारा मानना है …

– अंजुमन प्रकाशन, इलाहाबाद